मोदी मंत्रिपरिषद में फेरबदल से पहले 5 मंत्रियों का इस्तीफा, गडकरी को मिल सकता है रेल मंत्रालय

नई दिल्ली . पीएम नरेंद्र मोदी केंद्रीय कैबिनेट में अगले एक-दो दिनों में बड़े बदलाव कर सकते हैं। इसी क्रम में गुरुवार को कम से कम 5 केंद्रीय मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिए। मंत्रियों के विभागों के बदले जाने से लेकर कुछ पुराने मंत्रियों की छुट्टी और नए चेहरों की एंट्री होने वाली है। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को रेल मंत्रालय का प्रभार मिल सकता है। कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रूडी, स्वास्थ्य राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान ने इस्तीफा दे दिया है।

जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने भी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफे की पेशकश की हैं। मानव संसाधन राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पाण्डेय को यूपी बीजेपी का चीफ बनाया गया है। पार्टी के एक व्यक्ति एक पद सिद्धांत के तहत उनकी भी केंद्रीय मंत्रिपरिषद से विदाई तय है। सूत्रों का कहना है कि मध्यम और लघु उद्योग मंत्री कलराज मिश्रा को भी राजभवन भेजा जा सकता है। मिश्रा 75 साल के ऊपर के हैं लेकिन उन्हें यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कैबिनेट में बरकरार रखा गया था।

बता दें कि मोदी कैबिनेट में रविवार को बड़े फेरबदल हो सकते हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पसंद के जेडीयू के 2 नेताओं को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती हैं। जेडीयू से राम चंद्र प्रसाद सिंह और पूर्णिया से सांसद संतोष कुशवाहा को मंत्री बनाए जाने की अटकले हैं। बार-बार रेल हादसों की वजह से आचोलनाओं से घिरे रेल मंत्री सुरेश प्रभु को पर्यावरण मंत्री की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वह वाजपेयी सरकार में भी इस जिम्मेदारी को निभा चुके हैं।

सूत्रों के मुताबिक, राजीव प्रताप रूडी को संगठन में कोई बड़ा पद मिल सकता है। मंत्रिपरिषद में फेरबदल का उद्देश्य अच्छा प्रदर्शन करने वालों को इनाम देना और फिसड्डियों को सजा देना माना जा रहा है। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार को शहरी विकास मंत्रालय दिए जाने की अटकलें हैं। पहले यह मंत्रालय वेंकैया नायडू के पास था, फिलहाल इसका अतिरिक्त प्रभार ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के पास है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार शाम को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह मुलाकात मई 2014 में सरकार गठन के बाद मंत्रिपरिषद में तीसरे बड़े फेरबदल को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से हुई। हालांकि मंत्रिपरिषद में फेरबदल की टाइमिंग को लेकर अनिश्चितता है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेश यात्रा पर जाना है, वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का राजधानी के बाहर कार्यक्रम है। वैसे अटकलें हैं कि रविवार को चीन रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी अपने मंत्रिपरिषद में फेरबदल कर सकते हैं। इस बात को इसलिए भी जोर मिला क्योंकि गुरुवार को अरुण जेटली ने कहा कि जल्द ही उन्हें रक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्ति मिलने वाली है।

 

इस समय रक्षा, पर्यावरण, शहरी विकास, सूचना एवं प्रसारण जैसे मंत्रालय बिना किसी फुल टाइम मंत्री के हैं। चूंकि अगले लोकसभा चुनाव में 2 साल से भी कम का वक्त बचा है इसलिए प्रधानमंत्री मोदी का फोकस परफॉर्मेंस पर है। ऐसा माना जा रहा है कि 2019 से पहले यह मंत्रिपरिषद में आखिरी बदलाव होगा। इस कवायद का उद्देश्य न सिर्फ अहम मंत्रालयों को फुल टाइम मंत्री देना है बल्कि अच्छा प्रदर्शन करने वालों को इनाम और फिसड्डी प्रदर्शन करने वालों को सजा देना भी है।

 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शनिवार शाम को तिरुपति से लौटेंगे। इसके बाद वह रविवार को गुजरात के 2 दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह चीन के लिए रवाना होंगे। वहीं 6 सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो रहा है, जिसमें ज्यादातर अहम काम जैसे खरीदारी, शादी वगैरह नहीं किए जाते क्योंकि पितृपक्ष को इन कामों के लिए शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में अगर रविवार को मोदी मंत्रिपरिषद में फेरबदल नहीं हुआ तो इसे पितृपक्ष के बाद तक टाला जा सकता है।

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